उत्तराखंड में 29 और 30 जून से होगा मानसून का आगाज,भारी बारिश की चेतावनी

देश के अधिकांश हिस्सों में तेजी से बढ़ा मानसून, उत्तराखंड में अगले सप्ताह दस्तक के आसार

नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने बुधवार को देश के कई राज्यों में तेज़ी से प्रगति करते हुए गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और झारखंड के नए क्षेत्रों को अपने प्रभाव में ले लिया। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में मानसून के उत्तर प्रदेश और बिहार के शेष हिस्सों सहित उत्तराखंड के कुछ क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।

मौसम विभाग ने बताया कि वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा गुजरात के सूरत, मध्य प्रदेश के इंदौर और मंडला होते हुए झारखंड तथा नेपाल सीमा तक पहुंच चुकी है। इसके प्रभाव से देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज होने लगी हैं। आईएमडी ने पश्चिमी तट, पूर्वोत्तर भारत तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में आगामी सप्ताह के दौरान भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। विशेष रूप से 27 और 28 जून को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

पिछले 24 घंटों के दौरान महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में मानसून ने जमकर कहर बरपाया। पालघर जिले के वसई में 29 सेंटीमीटर, मुंबई के कोलाबा में 25 सेंटीमीटर तथा सांताक्रूज़ में 22 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। वहीं पश्चिम बंगाल, मध्य महाराष्ट्र, मिजोरम, छत्तीसगढ़, गुजरात, असम और तेलंगाना के कई इलाकों में भी भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग ने उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 29 और 30 जून को भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा उत्तर भारत के कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।

दूसरी ओर, मानसून की प्रगति के बावजूद पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में अभी भी लू का असर बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 जून तक तथा बिहार के कुछ इलाकों में 25 जून तक हीट वेव की स्थिति जारी रह सकती है। मंगलवार को उत्तर प्रदेश के बांदा में देश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। वहीं किसानों और जलाशयों के लिए मानसून की यह प्रगति बेहद लाभकारी मानी जा रही है। आईएमडी ने समुद्र में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है।

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