केंद्र सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर हाल में सफाई कर्मचारियों को उपलब्ध कराया जाए: उपाध्यक्ष राज्य सफाई कर्मचारी आयोग**सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए मलिन बस्तियों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश**सफाई कर्मचारी की मृत्यु होने पर आश्रितों को योग्यता के आधार पर नियुक्ति उपलब्ध कराने पर जोर**गोल्डन कार्ड,समय पर वेतन एवं सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के दिए निर्देश**सफाई कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाए तथा लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के नियमितीकरण की कार्रवाई की जाए**हरिद्वार, 16 अक्टूबर 2026* राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष संतोष गौरव ने मंगलवार को सीआर सभागार में जनपद के सभी शहरी निकायों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर सफाई कर्मचारियों से संबंधित विभिन्न समस्याओं एवं उनके कल्याण के लिए संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने सफाई कर्मचारियों के वेतन, श्रम कार्ड, ईपीएफ, गोल्डन कार्ड, स्वास्थ्य सुविधाओं, सुरक्षा उपकरणों, साप्ताहिक अवकाश तथा अन्य कर्मचारी हितों से जुड़े मामलों की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम हरिद्वार, नगर निगम रुड़की, नगरपालिका शिवालिक नगर, नगर पंचायत लक्सर, मंगलौर, ढंडेरा तथा झबरेड़ा में कार्यरत सफाई कर्मचारियों की स्थिति की समीक्षा की गई। उपाध्यक्ष ने प्रत्येक निकाय में कार्यरत सफाई कर्मचारियों की संख्या, स्वीकृत पद, रिक्त पद, आउटसोर्स कर्मचारियों की स्थिति तथा कर्मचारियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उपाध्यक्ष ने कहा कि राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा सफाई कर्मचारियों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र कर्मचारियों तक हर हाल में पहुंचना चाहिए। किसी भी पात्र सफाई कर्मचारी को योजनाओं के लाभ से वंचित न रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ईएसआई कार्ड, गोल्डन कार्ड, श्रम कार्ड, ईपीएफ सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा जिन कर्मचारियों के कार्ड अथवा अन्य दस्तावेज लंबित हैं, उनका समयबद्ध निस्तारण कराया जाए। उन्होंने सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य परीक्षण पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि मलिन बस्तियों एवं उन क्षेत्रों में, जहां सफाई कर्मचारी निवास करते हैं, नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएं। स्वास्थ्य शिविरों में कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के साथ-साथ आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श एवं जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि सफाई कर्मचारियों को समय रहते स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का उपचार मिल सके। उपाध्यक्ष संतोष गौरव ने कहा कि सफाई कर्मचारी प्रतिदिन शहरों की स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए उनके स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के साथ ही उनके उपयोग को भी सुनिश्चित किया जाए। खुले नालों, सीवर एवं सेफ्टी टैंकों में कार्य करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए। बैठक में उन्होंने खुले नालों एवं सेफ्टी टैंक में कार्यरत सफाई कर्मचारियों का सर्वे कर उनकी सूची तैयार करने तथा सूची आयोग को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थानों पर कार्य करने वाले कर्मचारियों की पहचान कर उनके लिए आवश्यक सुरक्षा मानकों एवं उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उपाध्यक्ष ने सफाई कर्मचारियों को समय पर वेतन उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि वेतन भुगतान में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में नहीं होना चाहिए। आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों के वेतन एवं अन्य देयकों की भी नियमित निगरानी की जाए तथा कर्मचारियों को शासन द्वारा निर्धारित सुविधाओं का लाभ दिलाया जाए। उन्होंने सफाई कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों से लगातार कार्य लेने के बजाय नियमानुसार साप्ताहिक अवकाश दिया जाना आवश्यक है, ताकि कर्मचारी शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकें। उपाध्यक्ष संतोष गौरव ने लंबे समय से सेवाएं दे रहे सफाई कर्मचारियों के नियमितीकरण से संबंधित मामलों की भी जानकारी ली और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखा जाना चाहिए तथा पात्रता एवं शासनादेशों के अनुसार उनके प्रकरणों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सफाई कर्मचारी की मृत्यु होने की स्थिति में उसके आश्रितों को नियमानुसार एवं उनकी योग्यता के आधार पर नियुक्ति उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न किया जाए। ऐसे मामलों को संवेदनशीलता के साथ लेते हुए पात्र आश्रितों के प्रकरणों का नियमानुसार परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों के अधिकारों एवं हितों की रक्षा करना सभी संबंधित विभागों एवं निकायों की जिम्मेदारी है। सफाई कर्मचारियों को कार्यस्थल पर सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ शासन द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। जनपद आगमन पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता ने पुष्प गुच्छ भेंटकर राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष का स्वागत किया।इस अवसर पर उन्होंने उपाध्यक्ष को आश्वस्त किया है कि उनके द्वारा जो भी दिशा निर्देश एवं सुझाव दिए गए है,उनका संबंधित अधिकारियों से अनुपालन एवं आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित कराई जाएगी। इस अवसर पर सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधि राजेंद्र श्रमिक,सुरेंद्र तेश्वर,प्रवीण तेश्वर,नानक चंद,अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ अनिल वर्मा,सहायक नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी,नगर स्वास्थ्य अधिकारी पवन कार्की ,एसडीओ वन प्रभाग पूनम कैंथोला,सहायक समाज कल्याण अधिकारी,नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी एवं संबंधित कर्मचारी सहित सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।

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