जिम्मेदारियों का है पहाड़, क्या निकलगें हल
पत्रकार हरीश थपलियाल ने थामा UKD का दामन! पत्रकारिता से सियासत तक का सफर… क्या अब यमुनोत्री की चुनावी रणभूमि में उतरने की तैयारी है?
उत्तराखंड की राजनीति में अब पत्रकारों का प्रवेश कोई अपवाद नहीं, बल्कि एक उभरती परिपाटी बनता जा रहा है। विजय रावत, त्रिभुवन चौहान, उमेश कुमार और हरीश थपलियाल जैसे नाम इस बात के प्रमाण हैं कि मीडिया के मंच से जनता तक पहुंच बना चुके लोग अब सत्ता के दूसरे पहलू राजनीति में अपनी किस्मत आजमाना चाहते हैं। पत्रकारिता और राजनीति का रिश्ता हमेशा से निकट रहा है। पत्रकार समाज की नब्ज जानते हैं, जनता की समस्याओं से रोज़ रूबरू होते हैं और सत्ता के तंत्र को भी गहराई से समझते हैं। यही कारण है कि जब वे चुनावी मैदान में उतरते हैं, तो उनके पास एक तैयार पहचान, जन-संपर्क और मुद्दों की समझ होती है।
उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य में, जहां व्यक्तिगत पहचान और स्थानीय जुड़ाव का वजन बड़े राज्यों से अधिक होता है, पत्रकारों की यह पहचान राजनीतिक पूंजी बन सकती है। विजय रावत, त्रिभुवन चौहान और हरीश थपलियाल जैसे नामों की चर्चा इसी बदलाव का संकेत है कि मीडिया से जुड़े लोग अब केवल सवाल उठाने तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि जवाब देने की भूमिका में भी आना चाहते हैं।
राजनीति में कदम रखना केवल लोकप्रियता का खेल नहीं है, बल्कि एक बेहद जोखिम भरा दांव है। पत्रकार जो सत्ता पर सवाल उठाने के आदी होते हैं, उन्हें अब खुद सवालों के घेरे में आना पड़ता है। चुनावी राजनीति में धन, संगठन, दल का समर्थन और विपक्ष की चुनौती, ये सब ऐसे कारक हैं जो किसी भी नए प्रत्याशी के लिए बड़ी बाधाएं हो सकते हैं। उमेश कुमार का उदाहरण इसका सबूत है। उन्होंने 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत का स्टिंग ऑपरेशन कर राजनीति में भूचाल लाया था, लेकिन राजनीति में आने के बाद उन्हें कई कानूनी और राजनीतिक उलझनों का सामना करना पड़ा। यह दर्शाता है कि पत्रकार से नेता बनने का सफर गौरवशाली हो सकता है, पर उसमें व्यक्तिगत और राजनीतिक जोखिम भी उतने ही अधिक होते हैं। यमुनोत्री विधानसभा से हरीश थपलियाल ने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की है, और उत्तराखंड क्रांति दल का दामन थामा है, ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि वह क्या विधानसभा पहुंच पाएंगे?
कौन है हरीश थपलियाल और क्या है उनका परिचय आईये पढ़तें हैं…
हरीश थपलियाल शिक्षा, पत्रकारिता और जनसरोकारों से जुड़ा यमुनोत्री का सक्रिय चेहरा…
नाम: हरीश थपलियाल
निवासी: ग्राम नेरी, पोस्ट धरासू (बड़ेथी), विकासखंड चिन्यालीसौड़, जनपद उत्तरकाशी।
शैक्षिक योग्यता डी.फार्मा, बी.फार्मा एवं बीजेएमसी (पत्रकारिता एवं जनसंचार)।
हरीश थपलियाल यमुनोत्री विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय रहने वाले एक शिक्षित, जागरूक और जनसरोकारों से जुड़े व्यक्तित्व हैं। चिकित्सा क्षेत्र की शैक्षिक पृष्ठभूमि के साथ पत्रकारिता में लंबा अनुभव रखने वाले हरीश थपलियाल ने क्षेत्र की जनसमस्याओं, विकास कार्यों, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पेयजल जैसे बुनियादी मुद्दों को लगातार प्रमुखता से उठाया है।
पत्रकारिता के माध्यम से उन्होंने आम जनता की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने और क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाई है। कुशल व्यवहार, संवाद क्षमता, सामाजिक सरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता और क्षेत्र के लोगों से सीधा जुड़ाव उनकी प्रमुख विशेषताएं हैं।
पारिवारिक परिचय- उनकी पत्नी श्रीमती भानुप्रिया थपलियाल तुल्याड़ा वार्ड से निर्वाचित क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी मेंबर) हैं तथा विकासखंड चिन्यालीसौड़ में कनिष्ठ उपप्रमुख का दायित्व निभा रही हैं।
हरीश थपलियाल का मानना है कि किसी भी क्षेत्र का वास्तविक विकास केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को समझने, उनकी आवाज उठाने और धरातल पर समाधान सुनिश्चित करने से संभव है। यमुनोत्री विधानसभा क्षेत्र के विकास, जनहित और स्थानीय मुद्दों के प्रति उनकी सक्रियता उन्हें क्षेत्र में एक परिचित और संवादशील चेहरा बनाती है।

