*कुंभ-2027 के लिए सुदृढ़ हो रहा हरिद्वार का सड़क तंत्र**शहर के आंतरिक मार्गों को बेहतर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर चल रहे सड़क सुधार एवं सुदृढ़ीकरण के कार्य**भारत माता मंदिर, मध्य हरिद्वार और कनखल क्षेत्र की आंतरिक सड़कें भी होंगी बेहतर**हरिद्वार, 06 अक्टूबर 2026*कुंभ मेला-2027 को दिव्य एवं भव्य स्वरूप प्रदान करने के साथ श्रद्धालुओं के सुगम, सुरक्षित और निर्बाध आवागमन के लिए हरिद्वार के सड़क तंत्र को व्यापक रूप से सुदृढ़ किया जा रहा है। इसके लिए कुंभ नगरी हरिद्वार की आंतरिक सड़कों और इससे जुड़े प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण एवं नवीनीकरण के कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि कुंभ के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को हरिद्वार पहुंचने से लेकर मेला क्षेत्र तक सुगम और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिले। इसी उद्देश्य से प्रमुख मार्गों की क्षमता बढ़ाने, सड़क सतह के नवीनीकरण, फुटपाथ निर्माण तथा आवश्यकता के अनुरूप मार्गों के चौड़ीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मेला प्रशासन द्वारा संबंधित विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं के साथ निरंतर समन्वय करते हुए कार्यों की प्रगति की नियमित निगरानी की जा रही है।कुंभ मेला-2027 को देखते हुए हरिद्वार शहर की आंतरिक सड़कों को बेहतर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर सुधार एवं सुदृढ़ीकरण के कार्य कराए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए पुराना दिल्ली-ऋषिकेश राज्य मार्ग एवं हरिद्वार शहर में लोक निर्माण विभाग के अधीन अन्य आंतरिक मार्गों के कुल 14.70 किलोमीटर लंबे हिस्से में बीसी द्वारा नवीनीकरण एवं फुटपाथ निर्माण के कार्य कराए जा रहे हैं। इन कार्यों के लिए 21.64 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। शंकराचार्य चौक से कनखल थाना होते हुए देशरक्षक तिराहे तक 3 किलोमीटर मार्ग का 3.93 करोड़ रुपये की लागत से तथा बंगाली मोड़ से झंडा चौक, श्रीयंत्र मंदिर होते हुए बूढ़ीमाता मंदिर तक 2.885 किलोमीटर मार्ग का 3.94 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण एवं फुटपाथ निर्माण कराया जा रहा है।कुंभ मेला क्षेत्र में शंकराचार्य चौक, देवपुरा चौक, चंद्राचार्य चौक और आर्यनगर चौक के आंतरिक मार्गों तथा बैरियर से गुघाल मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग के कुल 6.90 किलोमीटर हिस्से में 6.44 करोड़ रुपये की लागत से बीसी द्वारा नवीनीकरण एवं फुटपाथ निर्माण का कार्य भी शामिल है।इसी क्रम में आईरिस पुल से बैरागी कैंप, विश्व कल्याण आश्रम और मातृ सदन आश्रम होते हुए ज्वालापुर-लक्सर-पुरकाजी राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ने वाले 6.74 किलोमीटर मार्ग का 3.91 करोड़ रुपये की लागत से बीसी द्वारा नवीनीकरण किया जा रहा है। वहीं, ज्वालापुर-ललताराव-चंडीघाट मार्ग के लगभग 7 किलोमीटर हिस्से में बीसी द्वारा नवीनीकरण एवं फुटपाथ निर्माण का कार्य किया जा रहा है, जिसके लिए 4.27 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत है।इसके साथ ही पुराना आरटीओ चौक से भारत माता मंदिर तक 3.15 करोड़ रुपये की लागत से सीसी मार्ग का निर्माण प्रस्तावित है। नगर निगम हरिद्वार के अधीन मध्य हरिद्वार क्षेत्र में 5.78 करोड़ रुपये की लागत से आंतरिक मार्गों के सुधार तथा कनखल क्षेत्र में 1.99 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न मार्गों के सीसी निर्माण की योजना भी शीघ्र धरातल पर उतरेगी।कुंभ की आवश्यकताओं के अनुरूप हरिद्वार नगर और आसपास के प्रमुख संपर्क मार्गों को भी तैयार किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग के हरिद्वार डिवीजन के माध्यम से हरिद्वार नगर, आसपास के क्षेत्रों और इससे जुड़े मार्गों पर लगभग 78 किलोमीटर लंबाई में 12 सड़कों को बेहतर बनाने के कार्य प्रगति पर हैं। इनमें बहादराबाद-सिडकुल चार लेन मार्ग को भाईचारा ढाबा से बीएचईएल बैरियर संख्या-06 होते हुए शिवालिक नगर चौक तक लगभग 4 किलोमीटर लंबाई में चौड़ा एवं सुदृढ़ किया जा रहा है। वहीं, पतंजलि योगपीठ से सहदेवपुर, दिनारपुर, सुभाषगढ़ होते हुए पुरकाजी-लक्सर-ज्वालापुर एनएच-334ए पर फेरूपुर तक 16.70 किलोमीटर मार्ग के डेढ़ लेन में चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है।बहादराबाद-धनौरी-इमलीखेड़ा-भगवानपुर-गागलहेड़ी राज्य मार्ग-68 के 4 किलोमीटर हिस्से के सुदृढ़ीकरण एवं नवीनीकरण का कार्य भी कुंभ की तैयारियों में शामिल है। इसी प्रकार ज्वालापुर से ईदगाह, सुभाषनगर, पीएसी होते हुए शिवालिक नगर तक 3.40 किलोमीटर मार्ग का बीसी द्वारा नवीनीकरण किया जा रहा है। आबादी वाले हिस्सों में सड़क के शोल्डर पर इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने का कार्य भी किया जा रहा है।इसके अतिरिक्त सीतापुर-जमालपुर कलां-जियापोता मुख्य जिला मार्ग संख्या-11 के 5.50 किलोमीटर तथा ज्वालापुर-सराय-एक्कड़-बहादरपुर जट-अम्बूवाला-धनपुरा राज्य मार्ग संख्या-88 के शुरुआती 3 किलोमीटर हिस्से में भी सड़क सुधार के कार्य किए जा रहे हैं।सड़कों का यह व्यापक सुधार केवल कुंभ मेले के दौरान आवागमन को सुगम बनाने तक सीमित नहीं है। सुदृढ़ संपर्क मार्ग, बेहतर सड़क सतह और विकसित फुटपाथ आने वाले समय में हरिद्वार के यातायात तंत्र को अधिक सक्षम बनाने में सहायक होंगे। शहर, प्रमुख संपर्क मार्गों और मेला क्षेत्र के बीच बेहतर कनेक्टिविटी से श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय नागरिकों को भी सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है कि कुंभ-2027 में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुविधा, सुरक्षा, सुगमता और सुव्यवस्था का बेहतर अनुभव मिले। इसी उद्देश्य के अनुरूप मेला प्रशासन द्वारा विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर तैयारियों को गति दी जा रही है। सड़क तंत्र का व्यापक सुदृढ़ीकरण इसी समग्र तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे कुंभ-2027 के लिए हरिद्वार की यातायात एवं संपर्क व्यवस्था को अधिक सक्षम और व्यवस्थित स्वरूप दिया जा रहा है।

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